Divya Darshan 360
बासर सरस्वती मंदिर
Photo: RameshSharma, CC BY 2.0, via Wikimedia Commons

प्रसिद्ध मंदिर · तेलंगाना

बासर सरस्वती मंदिर

गोदावरी के तट पर देवी सरस्वती, भारत के दो प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों में से एक

19 अक्टूबर 2026 को 2 स्रोतों से जांचा गया2 मिनट में पढ़ें

कैसे पहुंचें

  • ट्रेन से

    बासर (BSX) सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन है, मंदिर से लगभग 2.4 किमी दूर।

  • सड़क से

    टीएसआरटीसी की जिला बसें कस्बे तक जाती हैं। हैदराबाद और नांदेड़ से एमएसआरटीसी की बसें भी चलती हैं।

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भक्त यहां क्यों आते हैं

बासर सरस्वती मंदिर तेलंगाना के बासर में गोदावरी नदी के तट पर देवी सरस्वती का हिंदू मंदिर है। इसे भारत के दो सबसे प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों में गिना जाता है, दूसरा शारदा पीठ है। बासर से निर्मल, जो जिला मुख्यालय है, लगभग 70 किमी दूर है।

यह मंदिर देवी सरस्वती को समर्पित है और गोदावरी नदी के तट पर खड़ा है। गर्भगृह में सरस्वती के बगल में देवी लक्ष्मी की मूर्ति है। इस मंदिर को उपमहाद्वीप के दो प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों में गिना जाता है, दूसरा शारदा पीठ है।

कथा के अनुसार महर्षि व्यास ने यहां काफी समय तपस्या की। इस स्थान को पहले वसर कहा जाता था, और बाद में मराठी भाषा के प्रभाव से नाम बदलकर बासर हो गया।

कहा जाता है कि कर्नाटक के राजा बिजियालुडु ने, जो नांदेड़ को राजधानी बनाकर नंदगिरि पर शासन करते थे, छठी सदी में यह मंदिर बनवाया। 17वीं सदी में नंदगिरि के एक सरदार ने आक्रमणकारियों द्वारा पहले तोड़ी गई मूर्तियों को फिर से स्थापित करवाया। पहली मंज़िल पर, मुख्य मंदिर के बहुत पास, महाकाली की मूर्ति है।

त्योहार

  • वसंत पंचमी से 15 दिन पहले पूजा शुरू होती है और त्योहार के 3 दिन बाद तक चलती हैमहाशिवरात्रि

    इस पूरी अवधि में मंदिर में विशेष पूजा और उत्सव होते हैं।

  • दशहरे के दौरान दस दिनदेवी नवरात्रुलु

    दशहरे के दौरान दस दिनों तक मंदिर में यह त्योहार मनाया जाता है।

यात्रा के लिए सुझाव

  • निज़ामाबाद से कस्बा लगभग 34.8 किमी दूर है, और भैंसा से लगभग 30 किमी।
  • धर्माबाद से कस्बा लगभग 15.5 किमी दूर है।
  • कई माता-पिता स्कूल जाने से पहले बच्चों को अक्षर अभ्यासम संस्कार के लिए यहां लाते हैं।

घर बैठे दर्शन

अभी ऐप में नहीं

बासर सरस्वती मंदिर अभी Divya Darshan 360 ऐप में नहीं है। ये प्रसिद्ध मंदिर ऐप में हैं, जिनके दर्शन वीडियो आप घर पर देख सकते हैं:

ऐप मुफ़्त है, सिर्फ़ Android पर। ऐसे दर्शन के लिए जैसे आप वहीं खड़े हों, VR बॉक्स देखें (₹899, या कैश ऑन डिलीवरी पर ₹949)।

लोगों के सवाल

क्या मुख्य मंदिर के अलावा भी कुछ देखने लायक है?

हां। पहली मंज़िल पर महाकाली की मूर्ति है, जो मुख्य मंदिर के बहुत पास है। गर्भगृह में सरस्वती के बगल में देवी लक्ष्मी खड़ी हैं।

कस्बे का नाम बासरा क्यों है?

कथा के अनुसार इस स्थान को वसर कहा जाता था, क्योंकि महर्षि व्यास ने वहां तपस्या की थी। मराठी के प्रभाव से बाद में नाम बदलकर बासरा हो गया।

क्या परिवार स्कूल के संस्कार के लिए यहां आते हैं?

हां। कई माता-पिता औपचारिक स्कूल शुरू करने से पहले बच्चों को अक्षर अभ्यासम संस्कार के लिए यहां लाते हैं।

अक्षर अभ्यासम क्या है?

यह बच्चों के लिए औपचारिक स्कूल शुरू करने से पहले का एक संस्कार है। इसे करवाने के लिए कई तीर्थयात्री बासरा आते हैं।

बासरा नांदेड़ से कितनी दूर है?

नांदेड़ से यह लगभग 96 किमी दूर है। नांदेड़ से कस्बे के लिए एमएसआरटीसी की बसें भी चलती हैं।

हमने यह पेज कैसे जांचा

19 अक्टूबर 2026 को हमने इस पेज की हर जानकारी इन स्रोतों से जांची, पहले आधिकारिक स्रोतों से। जो पुष्ट नहीं हो सका, वह पेज पर नहीं है।

  1. Gnana Saraswati Temple, Wikipedia en.wikipedia.org
  2. Literacy campaign launched in AP, Times of India timesofindia.indiatimes.com

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