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गोरखनाथ मंदिर
Photo: Google User, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

प्रसिद्ध मंदिर · उत्तर प्रदेश

गोरखनाथ मंदिर

गोरखपुर का नाथ परंपरा का मंदिर, जिसका नाम संत गोरखनाथ के नाम पर है

19 अक्टूबर 2026 को 3 स्रोतों से जांचा गया2 मिनट में पढ़ें

कैसे पहुंचें

  • ट्रेन से

    मंदिर गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 4.5 किमी दूर है।

  • सड़क से

    रेलवे स्टेशन से ऑटो-रिक्शा, ओला और टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं।

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भक्त यहां क्यों आते हैं

गोरखनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर के बीच में है। यह 52 एकड़ के परिसर में बना है। इसका नाम संत गोरखनाथ के नाम पर रखा गया है, और शहर का नाम भी उन्हीं से लिया गया है। इस मंदिर को नाथ परंपरा का मुख्य केंद्र माना जाता है।

फतेहपुर शेखावटी और अस्थल बोहर जैसे दूसरे नाथ मठों से भी ऊपर, इस मंदिर को नाथ परंपरा का मुख्य केंद्र माना जाता है। मठ गोरखपुर में बड़े परिसर के अंदर स्थित है। इसका नाम गोरखनाथ के नाम पर है, जो नाथ संप्रदाय के एक संत थे। उन्हें लगभग 11वीं सदी का माना जाता है, और उन्हें भारत भर में घूमने वाले एक योगी के रूप में याद किया जाता है।

गोरखपुर का नाम गोरखनाथ से पड़ा, और उनके सम्मान में गोरखनाथ मंदिर नाम का एक मंदिर बनाया गया। मंदिर का परिसर शहर के बीच में 52 एकड़ में फैला है। अंदर, जिस कक्ष में गोरखनाथ की समाधि है, वहां कभी उनकी एक मूर्ति रखी थी, और अब उसकी जगह चरण चिह्न हैं।

हर साल 14 जनवरी से एक महीने का मकर संक्रांति मेला लगता है। मकर संक्रांति के दिन हजारों श्रद्धालु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। जिला प्रशासन इस मंदिर को इलाके के सबसे प्रमुख मंदिरों में से एक बताता है।

त्योहार

  • हर साल 14 जनवरी से, एक महीने तकमकर संक्रांति मेला

    मकर संक्रांति के दिन हजारों श्रद्धालु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने आते हैं। मेला एक महीने चलता है, और उसमें लाखों तीर्थयात्री आते हैं।

यात्रा के लिए सुझाव

  • जिला प्रशासन के अनुसार, इन दिनों शाम का लाइट एंड साउंड शो मंदिर का मुख्य आकर्षण है।
  • मंदिर परिसर में एक गोशाला भी है।
  • मकर संक्रांति के आसपास भारी भीड़ की उम्मीद रखें, जब लाखों तीर्थयात्री मंदिर आते हैं।

घर बैठे दर्शन

अभी ऐप में नहीं

गोरखनाथ मंदिर अभी Divya Darshan 360 ऐप में नहीं है। ये प्रसिद्ध मंदिर ऐप में हैं, जिनके दर्शन वीडियो आप घर पर देख सकते हैं:

ऐप मुफ़्त है, सिर्फ़ Android पर। ऐसे दर्शन के लिए जैसे आप वहीं खड़े हों, VR बॉक्स देखें (₹899, या कैश ऑन डिलीवरी पर ₹949)।

लोगों के सवाल

लाइट एंड साउंड शो क्या है?

यह शाम को होने वाला एक संगीत शो है। जिला प्रशासन इसे इन दिनों मंदिर का मुख्य आकर्षण बताता है।

गोरखनाथ कौन थे?

वे नाथ संप्रदाय के एक संत और भारत भर में घूमने वाले योगी थे। गोरखपुर शहर का नाम उन्हीं के नाम पर है।

क्या समाधि कक्ष में गोरखनाथ की मूर्ति है?

नहीं। उस कक्ष में कभी उनकी मूर्ति थी, लेकिन अब उसकी जगह चरण चिह्न हैं।

मंदिर रेलवे स्टेशन से कितनी दूर है?

यह गोरखपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 4.5 किमी दूर है। स्टेशन से ऑटो-रिक्शा, ओला और टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं।

क्या मठ दूसरे गोरखनाथ मंदिर भी चलाता है?

हां। मठ गोरखपुर से थोड़ा दक्षिण में एक दूसरा गोरखनाथ मंदिर चलाता है, और एक नेपाल में है।

हमने यह पेज कैसे जांचा

19 अक्टूबर 2026 को हमने इस पेज की हर जानकारी इन स्रोतों से जांची, पहले आधिकारिक स्रोतों से। जो पुष्ट नहीं हो सका, वह पेज पर नहीं है।

  1. Places of Interest, District Gorakhpur gorakhpur.nic.in
  2. Gorakhnath Temple, District Gorakhpur gorakhpur.nic.in
  3. Gorakhnath Math, Wikipedia en.wikipedia.org

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