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रघुनाथ मंदिर, जम्मू

प्रसिद्ध मंदिर · जम्मू और कश्मीर

रघुनाथ मंदिर, जम्मू

जम्मू के पुराने शहर में श्री राम के सात सुनहरे शिखर वाले मंदिर

15 अक्टूबर 2026 को 5 स्रोतों से जांचा गया3 मिनट में पढ़ें

कैसे पहुंचें

  • हवाई जहाज़ से

    जम्मू हवाई अड्डे से दिल्ली, श्रीनगर, लेह और दूसरे शहरों की उड़ानें मिलती हैं। हवाई अड्डे से पुराने शहर के लिए टैक्सी चलती हैं।

  • ट्रेन से

    जम्मू तवी शहर का मुख्य स्टेशन है, जहां से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और अमृतसर के लिए एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं। मंदिर तक ऑटो और टैक्सी जाती हैं।

  • सड़क से

    मंदिर जम्मू शहर के पुराने हिस्से में, तवी नदी के उत्तर में है। शहर में कहीं से भी ऑटो और टैक्सी से पहुंचा जा सकता है।

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ज़रूरी नियम

  • मंदिरों में प्रवेश से पहले जूते उतार दें।
  • किसी भी मंदिर की तरह शालीन कपड़े पहनें।
  • मंदिर के अंदर फोटो खींचने से पहले मंदिर के कर्मचारियों से पूछ लें।

भक्त यहां क्यों आते हैं

जम्मू के पुराने शहर में रघुनाथ मंदिर सात मंदिरों का समूह है, और हर मंदिर पर सोने की परत वाला अपना शिखर है। मुख्य मंदिर में श्री राम रघुनाथ के रूप में विराजते हैं। वे डोगरा राजाओं के कुलदेवता हैं, और यह मंदिर राजाओं ने 1835 से 1860 के बीच बनवाया था।

महाराजा गुलाब सिंह, जम्मू और कश्मीर के पहले डोगरा शासक, ने 1835 में इस मंदिर का निर्माण शुरू कराया। उनके बेटे महाराजा रणबीर सिंह ने इसे 1860 में पूरा कराया। प्रवेश द्वार पर लगे एक पुराने टाकरी शिलालेख में अलग कहानी मिलती है, जिसमें गुलाब सिंह और उनके भाई ध्यान सिंह को 1827 में इसे बनवाने का श्रेय दिया गया है।

इस परिसर का केंद्र श्री राम हैं, जिनकी पूजा रघुनाथ के रूप में होती है। उनके गर्भगृह पर सोने की परत चढ़ी है। दीवारों पर जम्मू शैली की पहाड़ी चित्रकला में बने पंद्रह चित्र हैं, जिनमें रामायण, महाभारत और गीता के दृश्य हैं, जिनमें सीता का स्वयंवर भी शामिल है। मंदिरों के आलों में लगभग तीन सौ देव-प्रतिमाएं हैं।

रणबीर सिंह ने यहां एक पाठशाला भी खुलवाई, जिसमें हर जाति के विद्यार्थी पढ़ सकते थे। साथ ही एक पुस्तकालय है, जिसमें लगभग 6,000 पांडुलिपियां हैं, जिनमें शारदा लिपि के दुर्लभ ग्रंथ भी शामिल हैं। 2002 में मार्च और नवंबर में दो बार आतंकवादियों ने इस मंदिर पर हमला किया, और कुछ श्रद्धालुओं की जान गई। फिर भी यहां पूजा होती रही।

त्योहार

  • मार्च या अप्रैलराम नवमी

    श्री राम का जन्मदिन; जम्मू में शोभा यात्रा निकलती है।

  • अगस्त या सितंबरजन्माष्टमी शोभा यात्रा

    मूर्ति पूजा के बाद जुलूस रघुनाथ मंदिर से शुरू होकर वहीं खत्म होता है।

यात्रा के लिए सुझाव

  • सातों मंदिरों का चक्कर लगाएं; हर मंदिर का अपना शिखर है और रामायण से जुड़े अपने देव-विग्रह हैं।
  • मुख्य मंदिर की चित्रित दीवारों को ध्यान से देखें, जिनमें उस समय के डोगरा और सिख सैनिक भी दिखते हैं।
  • मंदिर के पुस्तकालय की पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण eGangotri परियोजना के तहत हो रहा है, इसलिए कुछ ग्रंथ ऑनलाइन पढ़े जा सकते हैं।
  • शोभा यात्रा के दिनों में पुराने शहर के बाजार भर जाते हैं, इसलिए बुज़ुर्ग श्रद्धालु किसी और दिन आना पसंद कर सकते हैं।

घर बैठे दर्शन

अभी ऐप में नहीं

रघुनाथ मंदिर, जम्मू अभी Divya Darshan 360 ऐप में नहीं है। ये प्रसिद्ध मंदिर ऐप में हैं, जिनके दर्शन वीडियो आप घर पर देख सकते हैं:

ऐप मुफ़्त है, सिर्फ़ Android पर। ऐसे दर्शन के लिए जैसे आप वहीं खड़े हों, VR बॉक्स देखें (₹899, या कैश ऑन डिलीवरी पर ₹949)।

लोगों के सवाल

जम्मू का रघुनाथ मंदिर किसने बनवाया?

महाराजा गुलाब सिंह ने 1835 में इसका निर्माण शुरू कराया, और उनके बेटे महाराजा रणबीर सिंह ने 1860 में इसे पूरा कराया। प्रवेश द्वार के एक शिलालेख में गुलाब सिंह और उनके भाई ध्यान सिंह को 1827 की तिथि के साथ श्रेय दिया गया है।

रघुनाथ मंदिर में कितने मंदिर हैं?

सात। हर मंदिर का अपना शिखर है, जिस पर सोने की परत चढ़ी है। मुख्य मंदिर श्री राम को रघुनाथ रूप में समर्पित है।

रघुनाथ मंदिर की देखरेख कौन करता है?

जम्मू-कश्मीर धर्मार्थ ट्रस्ट मंदिर का प्रबंधन करता है और वहां जन्माष्टमी शोभा यात्रा जैसे आयोजन करवाता है।

जम्मू तवी स्टेशन से रघुनाथ मंदिर कैसे पहुंचें?

मंदिर शहर के पुराने हिस्से में, तवी नदी के उत्तर में है। स्टेशन से ऑटो या टैक्सी लें।

हमने यह पेज कैसे जांचा

15 अक्टूबर 2026 को हमने इस पेज की हर जानकारी इन स्रोतों से जांची, पहले आधिकारिक स्रोतों से। जो पुष्ट नहीं हो सका, वह पेज पर नहीं है।

  1. District Jammu (Government of J&K): Raghunath Temple jammu.nic.in
  2. Wikipedia: Raghunath Temple en.wikipedia.org
  3. ThePrint (PTI): Yatra taken out in Jammu ahead of Janmashtami, Sep 2026 theprint.in
  4. The Tribune (PTI): Ayodhya fervour, 3-day event at Raghunath Temple, Jan 2024 tribuneindia.com
  5. ANI via WebIndia123: Ram Navami 2026, Shobha Yatra in Jammu news.webindia123.com

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