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श्री राघवेंद्र स्वामी मठ, मंत्रालयम

प्रसिद्ध मंदिर · आंध्र प्रदेश

श्री राघवेंद्र स्वामी मठ, मंत्रालयम

तुंगभद्रा तट पर श्री राघवेंद्र स्वामी का वृंदावन, आंध्र प्रदेश

15 अक्टूबर 2026 को srsmatha.org से जांचा गया4 मिनट में पढ़ें

कैसे पहुंचें

  • हवाई जहाज़ से

    कुर्नूल हवाई अड्डा लगभग 95 किमी दूर है और हैदराबाद हवाई अड्डा लगभग 290 किमी।

  • ट्रेन से

    मंत्रालयम रोड स्टेशन मठ से लगभग 16 किमी दूर है। स्टेशन से मंत्रालयम के लिए बसें चलती हैं।

  • सड़क से

    मंत्रालयम कुर्नूल से सड़क मार्ग से लगभग 90 किमी दूर है।

Google Maps में खोलें

ज़रूरी नियम

  • पुरुष वृंदावन के दर्शन से पहले कमीज़ और बनियान उतारकर हाथ में रखें।
  • महिलाएं भारतीय पोशाक पहनें, बेहतर होगा कि साड़ी पहनें।
  • वृंदावन के पास टोपी, हैट या धूप का चश्मा न पहनें।
  • कतार में अपनी बारी का इंतज़ार करें; मठ कहता है कि बिना बारी के दर्शन न मांगें।
  • आंगन में खाने के लिए बाहर का भोजन न लाएं।
  • महिलाएं उरुलु सेवा या पूर्ण साष्टांग प्रणाम न करें; घुटनों के बल नमस्कार यहां की परंपरा है।

भक्त यहां क्यों आते हैं

आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में तुंगभद्रा नदी के तट पर बसे मंत्रालयम में श्री राघवेंद्र स्वामी का मूल वृंदावन है। भक्त इन संत को रायरु कहते हैं। वे 1671 में जीवित रहते हुए इसमें प्रवेश कर गए। वृंदावन के दर्शन सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 8:30 बजे तक होते हैं।

श्री राघवेंद्र स्वामी का जन्म 1595 में वेंकटनाथ के नाम से हुआ। 1621 में श्री सुधींद्र तीर्थ ने उन्हें संन्यास दीक्षा दी और उनका नाम राघवेंद्र तीर्थ रखा। दो साल बाद वे मठ के प्रमुख बने। यह मठ श्री मध्वाचार्य की द्वैत शिक्षा का पालन करता है और अपनी इस परंपरा का मूल मठ मानता है।

अपनी यात्राओं में रायरु ने वेंकन्ना नाम के एक अनाथ चरवाहे को आशीर्वाद दिया। वही बाद में अदोनी के नवाब की सेवा में पहुंचा। जब नवाब ने ज़मीन देने की पेशकश की, तो रायरु ने केवल मांचाले मांगा, जो तुंगभद्रा तट का एक बंजर गांव था। वहां उन्होंने मांचालम्मा के मंदिर में प्रणाम किया। 1671 में हज़ारों लोगों के सामने उन्होंने जीवित रहते हुए अपने वृंदावन में प्रवेश किया। उस दिन उनके शिष्य अप्पनाचार्य बाढ़ वाली नदी के दूसरी ओर फंस गए थे। वे दौड़कर लौटते हुए राघवेंद्र स्तोत्र की रचना करते रहे।

मांचाले ही आगे मंत्रालयम बना। मठ आज भी श्री मूल राम की पूजा करता है, साथ में श्री दिग्विजय राम और श्री जय राम की मूर्तियां भी हैं, जो इस गुरु-परंपरा की मूर्तियां हैं।

त्योहार

  • अगस्तआराधना महोत्सव

    रायरु के वृंदावन में प्रवेश की याद में मनाया जाता है; 355वां आयोजन 27 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक चला।

  • अप्रैल या मईनरसिंह जयंती

    मठ की सोलह भुजाओं वाली नरसिंह मूर्ति का विशेष अभिषेक होता है।

  • दिसंबर से जनवरीधनुर्मास

    इस महीने सेवा संकल्प सुबह करीब 5 बजे होता है।

यात्रा के लिए सुझाव

  • मठ तीर्थयात्रियों से कहता है कि अंदर जाने से पहले तुंगभद्रा में स्नान करें और मांचालम्मा के मंदिर जाएं।
  • मठ के अपने अतिथि गृह और कॉटेज में ठहरें; कमरे srsmatha.org पर बुक किए जा सकते हैं।
  • मठ चेतावनी देता है कि srsmatha.org ही उसकी एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट है, इसलिए कमरे और सेवा केवल वहीं से बुक करें।
  • यदि आपकी सेवा है, तो सुबह करीब 7:30 बजे संकल्प के लिए प्राकार में रहें; रथ सेवाएं शाम करीब 6:30 बजे होती हैं।
  • पंचमुखी में लगभग 24 किमी दूर प्राणदेवर का मंदिर और बिचाले में लगभग 22 किमी दूर रायरु का मृत्तिका वृंदावन पास में ही हैं।

घर बैठे दर्शन

अभी ऐप में नहीं

श्री राघवेंद्र स्वामी मठ, मंत्रालयम अभी Divya Darshan 360 ऐप में नहीं है। ये प्रसिद्ध मंदिर ऐप में हैं, जिनके दर्शन वीडियो आप घर पर देख सकते हैं:

ऐप मुफ़्त है, सिर्फ़ Android पर। ऐसे दर्शन के लिए जैसे आप वहीं खड़े हों, VR बॉक्स देखें (₹899, या कैश ऑन डिलीवरी पर ₹949)।

लोगों के सवाल

क्या मंत्रालयम मठ दोपहर में बंद रहता है?

हां। मुख्य द्वार दोपहर 2 बजे गर्भगृह की सफ़ाई के लिए बंद होता है और शाम 4 बजे दर्शन फिर शुरू होते हैं।

श्री राघवेंद्र स्वामी की आराधना कब होती है?

यह अगस्त में होती है, उस दिन जब रायरु ने 1671 में वृंदावन में प्रवेश किया था। 2026 में 355वां आराधना महोत्सव 27 अगस्त से 2 सितंबर तक चला।

क्या मंत्रालयम में सेवाएं रोज़ होती हैं?

सेवाएं रोज़ चलती हैं, लेकिन एकादशी, ग्रहण के दिनों और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर नहीं। इन्हें ऑनलाइन या मठ के अंदर सेवा काउंटर से बुक किया जा सकता है।

मंत्रालयम के लिए कौन-सा स्टेशन बुक करूं?

मंत्रालयम रोड स्टेशन की टिकट लें। मठ वहां से लगभग 16 किमी है, और स्टेशन से शहर तक बसें चलती हैं।

हमने यह पेज कैसे जांचा

15 अक्टूबर 2026 को हमने इस पेज की हर जानकारी इन स्रोतों से जांची, पहले आधिकारिक स्रोतों से। जो पुष्ट नहीं हो सका, वह पेज पर नहीं है।

  1. Sri Raghavendra Swamy Matha, official site srsmatha.org
  2. SRS Matha, Brundavana Darshana and guidelines srsmatha.org
  3. SRS Matha, Contact and darshana timings srsmatha.org
  4. SRS Matha, Rayaru's life history srsmatha.org
  5. SRS Matha, Aradhana 2026 srsmatha.org
  6. Kurnool district (Govt of AP), Mantralayam kurnool.ap.gov.in

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