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छतरपुर मंदिर

प्रसिद्ध मंदिर · दिल्ली

छतरपुर मंदिर

छतरपुर, दक्षिण दिल्ली में सफ़ेद संगमरमर का कात्यायनी मंदिर परिसर

19 अक्टूबर 2026 को 2 स्रोतों से जांचा गया3 मिनट में पढ़ें

कैसे पहुंचें

  • सड़क से

    मंदिर दक्षिण दिल्ली के मेहरौली में है। शहर से बस, ऑटो या टैक्सी से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

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भक्त यहां क्यों आते हैं

छतरपुर मंदिर, जिसे श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ भी कहते हैं, नई दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी किनारे पर है। यह देवी कात्यायनी को समर्पित है और अक्षरधाम के बाद दिल्ली का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। इसका सफ़ेद संगमरमर का परिसर 60 एकड़ में फैला है।

कात्यायनी दुर्गा के नौ रूपों में से एक हैं, जो नवदुर्गा का हिस्सा हैं। यह मंदिर भारत के सबसे बड़े पूजा स्थलों में से एक है, और अक्षरधाम के बाद दूसरे नंबर पर है। यह नई दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी किनारे पर है। इसका पूरा नाम श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ है।

बाबा संत नागपाल जी ने 1974 में मंदिर की स्थापना की, और उनका निधन 1998 में हुआ। परिसर दक्षिण भारतीय शैली में सफ़ेद संगमरमर से बना है। यह 24 हेक्टेयर, यानी 60 एकड़ में फैला है, और तीन परिसरों में 20 से अधिक मंदिर हैं। अंदर एक कक्ष में चाँदी की मेज़ें और कुर्सियाँ हैं।

यह परिसर दक्षिण दिल्ली के मेहरौली में है, और लंबे समय से वहाँ का एक लोकप्रिय मंदिर रहा है। कात्यायनी मंदिर साल में दो बार आने वाले नवरात्रि के समय खुलता है, जब हज़ारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। साल के बाकी समय में मंदिर बंद रहता है।

त्योहार

  • साल में दो बार आने वाला नवरात्रि का समयनवरात्रि

    कात्यायनी मंदिर केवल इसी समय खुलता है, और हज़ारों लोग दर्शन के लिए आते हैं।

यात्रा के लिए सुझाव

  • मुख्य मंदिर के प्रवेश द्वार पर भक्त मन्नत के लिए एक विशाल बरगद के पेड़ पर लाल चुनरी, यानी पवित्र धागा, बाँधते हैं।
  • बादखल झील मंदिर क्षेत्र से लगभग 6 किमी उत्तर-पूर्व में है।
  • कुतुब मीनार यहाँ से चार किलोमीटर दूर है, और इसे यहाँ की यात्रा के साथ जोड़ा जा सकता है।
  • तुगलकाबाद किला और आदिलाबाद के खंडहर भी दिल्ली में मंदिर क्षेत्र के पास हैं।

घर बैठे दर्शन

अभी ऐप में नहीं

छतरपुर मंदिर अभी Divya Darshan 360 ऐप में नहीं है। ये प्रसिद्ध मंदिर ऐप में हैं, जिनके दर्शन वीडियो आप घर पर देख सकते हैं:

ऐप मुफ़्त है, सिर्फ़ Android पर। ऐसे दर्शन के लिए जैसे आप वहीं खड़े हों, VR बॉक्स देखें (₹899, या कैश ऑन डिलीवरी पर ₹949)।

लोगों के सवाल

छतरपुर मंदिर में दुर्गा के किस रूप की पूजा होती है?

मंदिर देवी कात्यायनी को समर्पित है, जो दुर्गा के नौ रूपों में से एक हैं। वे नवदुर्गा का हिस्सा हैं, यानी दुर्गा के नौ रूपों का समूह। इसका पूरा नाम श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ है।

छतरपुर मंदिर परिसर कितना बड़ा है?

परिसर 24 हेक्टेयर, यानी 60 एकड़ में फैला है। इसमें तीन परिसरों में फैले 20 से अधिक मंदिर हैं।

छतरपुर मंदिर की स्थापना किसने की थी?

बाबा संत नागपाल जी ने 1974 में मंदिर की स्थापना की। उनका निधन 1998 में हुआ।

क्या बिना कार के छतरपुर मंदिर पहुंचा जा सकता है?

हाँ। शहर से बस, ऑटो या टैक्सी से मंदिर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

क्या कात्यायनी मंदिर पूरे साल खुला रहता है?

नहीं। यह केवल साल में दो बार आने वाले नवरात्रि के समय खुलता है, जब हज़ारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। साल के बाकी समय में मंदिर बंद रहता है।

हमने यह पेज कैसे जांचा

19 अक्टूबर 2026 को हमने इस पेज की हर जानकारी इन स्रोतों से जांची, पहले आधिकारिक स्रोतों से। जो पुष्ट नहीं हो सका, वह पेज पर नहीं है।

  1. Chhatarpur Temple, Wikipedia en.wikipedia.org
  2. Chhatarpur Mandir, Delhi, TimesTravel (The Times of India) timesofindia.indiatimes.com

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