भक्त यहां क्यों आते हैं
कामदगिरि उत्तर प्रदेश की चित्रकूट पर्वत माला के पवित्र पर्वतों में से एक है। स्थानीय मान्यता के अनुसार चित्रकूट क्षेत्र राम के वनवास के वर्षों से जुड़ा है। हर अमावस्या पर श्रद्धालु चित्रकूट के स्थलों पर जुटते हैं।
कामदगिरि चित्रकूट पर्वत माला के धार्मिक पर्वतों में से एक है, जिनमें हनुमान धारा, जानकी कुंड, लक्ष्मण पहाड़ी और देवांगना भी शामिल हैं। स्थानीय मान्यता पूरे क्षेत्र को राम से जोड़ती है। रामायण के अनुसार भरत चित्रकूट आए थे और राम से अयोध्या लौटकर राज्य संभालने का अनुरोध किया था। किंवदंती यह भी कहती है कि राम ने यहां 11 वर्ष वनवास में बिताए।
इस स्थान का पहला ज्ञात उल्लेख वाल्मीकि रामायण में मिलता है। माना जाता है कि यह ग्रंथ पहला महाकाव्य है, जिसे पहले कवि ने रचा था। चित्रकूट धाम पहाड़ी इलाके में मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित है। चित्रकूट जिला 4 सितंबर 1998 को बना। चित्रकूट विंध्य पर्वत श्रृंखला के उत्तरी भाग में आता है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैली है। साल भर में कई विशेष अवसरों पर भी श्रद्धालु इन स्थलों पर जुटते हैं।

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